लिवर कैंसर होने पर कौन से लक्षण सबसे पहले दिखते हैं, किन लोगों को होता है ज़्यादा खतरा, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

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लिवर की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि के कारण लिवर कैंसर होता है। इसके शुरुआती लक्षण हल्के होते हैं जिसे ज़्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसे में एक्सपर्ट बता रहे हैं इसके लक्षण और बचाव के उपाय

लिवर कैंसर एक गंभीर रोग है जो यकृत यानी लिवर की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि के कारण होता है। यह समस्या अक्सर धीरे-धीरे विकसित होती है और इसके शुरुआती लक्षण इतने हल्के होते हैं कि अधिकतर लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। जब तक इसका पता चलता है, तब तक यह बीमारी अक्सर काफी बढ़ चुकी होती है। इसलिए इसके लक्षणों की पहचान और समय पर चिकित्सा परामर्श लेना अत्यंत आवश्यक है। आर्ट ऑफ हीलिंग कैंसर सेंटर के सह-संस्थापक और सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. मनदीप सिंह बता रहे हैं कि लिवर कैंसर होने पर कौन से लक्षण नज़र आते हैं और बचाव के लिए क्या करना चाहिए

लिवर कैंसर के आम लक्षण

लिवर कैंसर के आम लक्षणों में पेट के ऊपरी दाएं हिस्से में लगातार दर्द या भारीपन महसूस होना प्रमुख है। इसके अलावा अचानक वजन घटना, भूख में कमी आना और लगातार थकान भी इसके संकेत हो सकते हैं। कुछ मरीजों में पीलिया हो जाता है, जिसमें आंखें और त्वचा पीली दिखने लगती हैं। पेट में सूजन आ सकती है, और मूत्र का रंग गहरा व मल का रंग हल्का हो सकता है। ये सभी लक्षण इस ओर संकेत करते हैं कि लिवर सामान्य रूप से कार्य नहीं कर रहा है।

किन लोगों को होता है सबसे ज़्यादा खतरा?

कुछ खास लोग लिवर कैंसर की चपेट में जल्दी आ सकते हैं। लंबे समय तक शराब का अत्यधिक सेवन करने वाले, हेपेटाइटिस बी या सी से संक्रमित व्यक्ति, सिरोसिस यानी लिवर सिकुड़ने की बीमारी से ग्रस्त लोग, मोटापा और टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति तथा जिनके परिवार में पहले किसी को लिवर कैंसर रहा हो – इन सभी लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है। इसके अलावा, जहरीले रसायनों, जैसे अफ्लाटॉक्सिन के संपर्क में रहने वाले लोगों को भी लिवर कैंसर का खतरा अधिक होता है।

लिवर कैंसर से बचने के लिए क्या करें?

इस बीमारी से बचाव के लिए कुछ जरूरी उपायों को अपनाना बेहद जरूरी है। हेपेटाइटिस बी का टीका अवश्य लगवाएं और हेपेटाइटिस सी से बचाव के लिए संक्रमित रक्त और सुइयों से दूर रहें। शराब का सेवन सीमित करें या त्याग दें। मोटापा नियंत्रित रखें और संतुलित, पोषक आहार लें। जिन लोगों को खतरा अधिक है, उन्हें साल में एक या दो बार लिवर की जांच अवश्य करानी चाहिए, जिसमें लिवर फंक्शन टेस्ट और अल्ट्रासाउंड शामिल हैं।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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