पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों के साथ सरकार सख्ती कर रही है। हजारों की संख्या में अफगानी लोगों को देश से बाहर निकाला गया है। पंजाब प्रांत में अफगान शरणार्थी शिविर को भी बंद कर दिया गया है।

Pakistan Afghan Nationals Deported: पाकिस्तान ने अफगान नागरिकों के खिलाफ अभियान चला रखा है। इसी कड़ी में पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने अंतिम अफगान शरणार्थी शिविर को बंद कर दिया है। इतना ही नहीं प्रांत में अवैध रूप से रह रहे करीब 22,000 अफगान नागरिकों को इस महीने निर्वासित भी किया गया है। पंजाब पुलिस के एक प्रवक्ता ने इसके बारे में जानकारी दी है। पाकिस्तान ने अफगान नागरिकों को इसी साल मार्च तक का अल्टीमेटम दिया था।
क्या बोले पंजाब पुलिस के प्रवक्ता?
पंजाब पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी (अफगान) नागरिकों को पंजाब से उनके देश भेजने के अभियान का तीसरा चरण शुरू हो गया है। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘सरकार ने प्रांत में बिना कानूनी दर्जे के रह रहे लगभग 22,000 अफगान नागरिकों को इस महीने निर्वासित किया है।’’ प्रवक्ता ने बताया कि निर्वासित लोगों में 6,000 लोगों के पास निवास प्रमाण पत्र थे, 11,000 के पास अफगान नागरिक कार्ड थे और 5,041 लोग पंजाब में अवैध रूप से रहते पाए गए। वर्तमान में लगभग 423 लोगों को निर्धारित हिरासत केंद्रों पर रखा गया है।
हाई अलर्ट पर है सुरक्षा व्यवस्था
प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब सरकार ने पिछले महीने लाहौर से 325 किलोमीटर दूर मियांवाली के कोट चांदना में स्थित आखिरी अफगाान शरणार्थी शिविर को गैर-अधिसूचित कर दिया था। हालांकि, खैबर पख्तूनख्वा में 4 और बलूचिस्तान में 10 ऐसे शिविर अब भी संचालित हैं। उन्होंने कहा कि तीसरे चरण की शुरुआत से पहले पंजाब सरकार ने पाकिस्तान की अवैध विदेशी प्रत्यावर्तन योजना (आईएफआरपी) के तहत अप्रैल से सितंबर तक लगभग 43,000 अफगान नागरिकों को वापस भेजा था। सभी अवैध निवासियों को पूरी तरह से बाहर निकालने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
कब पाकिस्तान गए थे अफगान नागरिक?
बता दें कि, अफगानिस्तान में जब गृहयुद्ध की चपेट में था तब लाखों अफगान देश छोड़कर पाकिस्तान भाग गए थे। अब पिछले 2 सालों से पाकिस्तान अफगान शरणार्थियों को जबरन देश से बाहर निकालने में लगा हुआ है। अनुमान के मुताबिक पाकिस्तान में करीब 20 लाख अफगान शरणार्थी थे, जिनमें से 10 से 12 लाख के बीच शरणार्थी बाहर निकाले जा चुके हैं।