Navratri Kanya Pujan Bhog: नवरात्रों में अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्याओं को घर बुलाकर खाना खिलाया जाता है। जिसकी जैसी श्रद्धा और क्षमता होती है, वह उस अनुसार छोटी-छोटी 7, 9, 11 या 21 कन्याओं को भोजन कराते हैं। कंजन पूजन के बिना नौ दिनों का व्रत अधूरा रहता है।

Navratri me Kanya Pujan ke Niyam: नवरात्रि में कन्या पूजन का विधान है। कंजकों को भोग लगाए बिना नौ दिनों के व्रत करने वाले भक्तों की पूजा अधूरी मानी जाती है। वैसे तो अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन की मान्यता है, लेकिन कई लोग सप्तमी को भी कन्या पूजन कर देते हैं।
कई लोग कन्या पूजन के नाम पर कन्याओं को घर बुलाकर खाना पूर्ति कर देते हैं। लेकिन धर्म ग्रंथों में इसे दिव्य अनुष्ठान कहा गया है और इसे लेकर कई नियम बताए गए हैं। चलिए जानते हैं कंजक पूजन के दौरान किन बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है।
कन्या पूजन में क्या बनाएं?
आप कन्याओं को घर पर भोजन के लिए आमंत्रित कर रहे हैं, तो प्रसाद के साथ-साथ उनकी पसंद का भी ध्यान रखें। इन दिनों में कन्याओं को हर जगह खाने पर बुलाया जाता हैं। ऐसे में वे हर जगह एक सा खाना देखकर या तो ना खाने का बहाना बतानी हैं या न के बराबर खाती हैं।
अगर आप चाहते हैं कि माता रानी का ये छोटा स्वरूप आपके घर में प्रसन्नता से और भर पेट भोजन करें और भोग में मीठे के साथ ही कुछ बच्चों की पसंद के पकवान जरूर बनाएं।
कन्या भोज की थाली में शामिल करें ये चीजें
- यूं तो कन्या भोज के लिए हलवा-पूरी, खीर-पूरी बनाने की परंपरा है। इस भोग में आप बिना लहसुन-प्याज से बनी काले चने की सब्जी भी शामिल कर सकते हैं।
- इसके अलावा तोरी-गिलकी या आलू के पकोड़े भी कन्याओं की थाली में परोस सकती हैं। वहीं, चावल की कमी पूरी करने के लिए आप सावां यानी व्रत के चावल का पुलाव बना सकते हैं।
- इसके अलावा गरमा गरम पूरी के साथ आलू की सुखी सब्जी भी परोस सकती हैं, जिसे कन्याएं बड़े चाव के साथ खाती हैं।
- भोजन के बाद कन्याओं को ताजे फल और मिठाई भेंट करें। कंजक पूजन में हर घर में ज्यादातर केले ही दिए जाते हैं, ऐसे में आप केले के बजाए सेब या अन्य मौसमी फल भी दे सकते हैं।
भोग में शामिल न करें ये चीजें
कन्या पूजन के लिए बनाई गई भोजन प्रसादी पूरी तरह से सात्विक होना जरूरी है। भोग में तामसिक चीजें शामिल नहीं करनी चाहिए। ऐसे में भोग में प्याज और लहसुन, बासी भोजन, बाजार की चीजें और खट्टी चीजों को शामिल न करें। साथ ही पूरी पवित्रता और सच्चे मन से कन्याओं के लिए भोजन तैयार करें।
ऐसे दें कंजकों को विदाई
भोजन कराने बाद कन्याओं को खाली हाथ न भेंजें। घर से कंजकों को विदा करने से पहले उन्हें भेंट देकर उनके पैर छुएं और उनका आशीर्वाद जरूर लें। ऐ,ा कहा जाता है कि कन्याओं के जाने के तुंरत बाद घर की साफ-सफाई नहीं करनी चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।