Vietnam Landslide: आसमान से बरसे पानी और फिर हुए लैंडस्लाइड ने वियतनाम में लोगों की परेशानी को बढ़ा दिया है। यहां 41 लोगों की जान चली गई। इसके बाद अब Typhoon Kalmaegi का डर लोगों को सता रहा है।

हनोई: वियतनाम में लोगों की जिंदगी आफत में पड़ गई है क्योंकि यहां भारी बारिश के बाद बाढ़ और लैंडस्लाइड दोनों मुसीबतें एक साथ आ गईं। इस आपदा में अबतक 41 लोगों की मौत हो गई है। इसकी वजह से लगभग 52 हजार घर पानी में डूब गए हैं। वहीं, करीब 62 हजार लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाना पड़ा है। इस खबर में पढ़िए कि वियतनाम में इतनी बड़ी आफत कैसे आ गई और अब Typhoon Kalmaegi का डर वियतनाम के लोगों को क्यों सता रहा है।
सेंट्रल वियतनाम में बाढ़ से आफत
बता दें कि मूसलाधार बारिश ने सेंट्रल वियतनाम में बाढ़ और भूस्खलन को ट्रिगर कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, यहां 41 लोगों की मौत हो गई है। रेस्क्यू टीमें प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव का काम कर रही हैं। डूबे हुए घरों की छतों पर लोग फंसे हैं। उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है। बीते तीन दिन में इलाके के कई हिस्सों में 150 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश हुई है।
कॉफी उत्पादक जोन में भरा पानी
जान लें कि जिस इलाके में बाढ़ आई है, वह क्षेत्र प्रमुख कॉफी उत्पादक जोन है। यह अपने बीच और टूरिज्म के लिए जाना जाता है। वियतनाम के पर्यावरण मंत्रालय के मुताबिक, 6 प्रांतों में कुल 41 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा, अभी भी 9 लोग लापता हैं, उनकी तलाश जारी है।
लैंडस्लाइड के कारण सड़कें हुईं ब्लॉक
बाढ़ की वजह से 52 हजार से अधिक घर पानी में डूबे हुए हैं। लगभग 62 हजार लोगों को रेस्क्यू करना पड़ा है। भारी बारिश के बाद कई जगह भूस्खलन भी हुआ है। इसके कारण कई प्रमुख सड़कें ब्लॉक हो गई हैं। वहीं, करीब 10 लाख घरों में बिजली गुल है।
अब सता रहा Typhoon Kalmaegi का डर
वियतनाम न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, Typhoon Kalmaegi पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। यहां मध्य वियतनाम में लैंडफॉल कर सकता है। वियतनाम के मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि ह्यू शहर से लेकर डाक लाक प्रांत तक तटीय इलाकों में वाटर लेवल बढ़ सकता है। इसमें 0.3 से 0.6 मीटर तक का इजाफा हो सकता है।
वियतनामी मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवाती तूफान की वजह से भारी बारिश की संभावना है, जिससे छोटी नदी और नालों में अचानक बाढ़ आ सकती है। ढलानों पर भूस्खलन हो सकता है। इसके अलावा, शहरी और इंडस्ट्रियल एरिया में जलभराव हो सकता है।