Tulsi Puja Vidhi, Kartik Purnima 2025: कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी पूजन का विशेष महत्व माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन तुलसी माता की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और भगवान विष्णु की खास कृपा प्राप्त होती है। चलिए आपको बताते हैं कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी की पूजा कैसे की जाती है।

Tulsi Puja Vidhi, Kartik Purnima 2025: आज 5 नवंबर 2025 को कार्तिक पूर्णिमा है और इस दिन तुलसी माता की पूजा का विशेष महत्व होता है। कहते हैं इस दिन तुलसी पूजन करने से मनुष्य को उसके सभी पापों से छुटकारा मिल जाता है और जीवन में सुख-समद्धि बनी रहती है। वहीं जो लोग पूरे कार्तिक महीने में तुलसी के समक्ष दीपक नहीं जला पाए हैं वो कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी की पूजा करके पूरे महीने की पूजा का फल एक साथ प्राप्त कर सकते हैं। चलिए अब आपको बताते हैं कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी की पूजा कैसे करनी चाहिए।
कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी की पूजा कैसे करें (Kartik Purnima Par Tulsi Ki Puja Kaise kare)
- इस दिन तुलसी के गमले को अच्छे से साफ करें।
- गमले पर गेरू या हल्दी का लेप लगाएं।
- फिर जहां भी तुलसी पूजन करना है उस स्थान पर तुलसी के पौधे को एक पटरे पर रखें।
- तुलसी के समक्ष रंगोली बना लें।
- तुलसी माता को माला पहनाएं और चुनरी चढ़ाएं साथ में श्रृंगार सामग्री जैसे चूड़ी, बिंदी, मेहंदी, पायल आदि अर्पित करें।
- फिर तुलसी के पौधे के समक्ष घी का दीपक जलाएं। कई लोग इस दिन तुलसी के समक्ष 365 बाती का दीपक जलाकर रखते हैं।
- इसके बाद तुलसी की 108 बार परिक्रमा करें।
- फिर तुलसी माता की आरती करें और उन्हें हलवा और पूरी का भोग लगाएं।
- पूजा के बाद प्रसाद सभी में बांट दें।
कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी विवाह कैसे करें (Tulsi Vivah On Kartik Purnima 2025)
देवउठनी एकादशी से आरम्भ होने वाले तुलसी-विवाह उत्सव का समापन कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही होता है। ऐसे में कई लोग इस दिन भी तुलसी माता और शालिग्राम भगवान का विवाह कराते हैं।
कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी माता के इन मंत्रों का करें जाप
महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधि व्याधि हरा नित्यं तुलसी त्वं नमोस्तुते।।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।