कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में गहरी खींचतान पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने हमला करते हुए सरकार को भ्रष्ट और अक्षम बताया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अगली बार सत्ता में नहीं लौटेगी।

नई दिल्ली: कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही रस्साकशी पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह बंटी हुई है, सरकार नाकाम हो चुकी है और राज्य में भ्रष्टाचार तथा खराब इंफ्रास्ट्रक्चर का बोलबाला है। प्रह्लाद जोशी ने आगे कहा, ‘इनको मालूम है कि अगली बार ये सत्ता में नहीं आएंगे, इसलिए डीके शिवकुमार और उनके समर्थक चाहते हैं कि डीके और सिद्धा को आधा-आधा हिस्सा मिले, लेकिन सिद्धारमैया तैयार नहीं हैं। इनकी सरकार दिवालिया हो चुकी है, भ्रष्टाचार के अलावा कुछ हो नहीं रहा।’ जोशी ने आगे कहा, ‘गुटबाजी जोरों पर है। बेंगलुरु की हालत देख लीजिए, पूरा शहर गड्ढों से भरा पड़ा है।’
‘मेरी दिल्ली यात्रा का कोई राजनीतिक मकसद नहीं’
इधर,कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दिल्ली दौरे को लेकर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनकी दिल्ली यात्रा का कोई राजनीतिक मकसद नहीं है। वे अपने दोस्त के बेटे की शादी में शामिल होने आए हैं। डीके ने पत्रकारों से कहा, ‘कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है। मैं अपने दोस्त के बेटे की शादी में आया हूं।’ कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने 14 दिसंबर को दिल्ली में होने वाली ‘वोट चोरी’ रैली का जिक्र करते हुए कहा, ’14 दिसंबर को वोट चोरी मुद्दे पर बड़ी रैली है। कर्नाटक से दस हजार से ज्यादा लोग आएंगे।’ उन्होंने रैली के इंतजमों पर बोलते हुए कहा, ‘मैं यही इंतजाम देखने और अपने साथियों से बात करने आया हूं। पार्टी अध्यक्ष के तौर पर ये मेरी जिम्मेदारी है। सुबह जल्दी लौट रहा हूं क्योंकि 11 बजे कैबिनेट की मीटिंग है।’
‘राहुल गांधी के बयान पर संबंधित लोग जवाब देंगे’
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उस बयान पर जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार पर विदेशी मेहमानों से उनकी मुलाकात रोकने का आरोप लगाया था, प्रह्लाद जोशी ने कहा,’रूस और भारत के रिश्ते बहुत अच्छे हैं। राहुल गांधी के बयान पर संबंधित लोग जवाब देंगे। किससे मिलना है, किससे नहीं, ये नीति के आधार पर तय होता है। उस पर संबंधित लोग बोलेंगे।’ कर्नाटक में सत्ता के इस खुल्लमखुल्ला संघर्ष ने एक बार फिर कांग्रेस की एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा हो सकता है।