Astro Tips: अंक ज्योतिष और वैदिक ज्योतिष दोनों में मानसिक संतुलन का सीधा संबंध चंद्रमा और शनि से माना गया है। जब ये ग्रह कमजोर या पीड़ित होते हैं, तो व्यक्ति डिप्रेशन, नींद की कमी और बेचैनी का शिकार हो सकता है। ज्योतिष शास्त्र में कुछ उपाय बताए गए हैं, जो मन की अशांति को कम कर आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करते हैं।

Astrology Remedies for Mental Peace: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, एंग्जाइटी और डिप्रेशन जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। दवाइयों और थेरेपी के साथ ज्योतिष शास्त्र में भी ऐसे कई उपाय बताए गए हैं, जो मन को शांति और संतुलन दे सकते हैं। ज्योतिष के अनुसार, जब चंद्रमा, शनि या राहु-केतु कमजोर होते हैं, तो व्यक्ति का मन अशांत रहने लगता है। ऐसे में ग्रहों को संतुलित करने के कुछ ज्योतिषीय उपाय बेहद प्रभावी साबित हो सकते हैं। चलिए जानते हैं इन आसान, लेकिन बेहद कारगर माने जाने वाले उपायों के बारे में।
चंद्रमा को करें मजबूत
मानसिक शांति के लिए जरूरी उपाय माना जाता है। सोमवार का दिन चंद्रमा की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रेष्ठ बताया गया है। सुबह स्नान के बाद सफेद चंदन का तिलक लगाएं और दूध में चावल मिलाकर मंदिर में दान करें। इसे 21 दिनों तक करने से मन शांत होता है, नींद गहरी आने लगती है और चिड़चिड़ापन घटता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा नीच या पीड़ित है, उनके लिए यह उपाय बेहद लाभकारी बताया गया है।
शनि की पूजा से मिलेगा तनाव-चिंता से छुटकारा
शनिवार को शनि देव की पूजा करने से मानसिक दबाव घटता है। सरसों का तेल पीपल के पेड़ पर चढ़ाएं और काले तिल दान करें। इसके बाद “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार जप करें। यह उपाय शनि की कठोर ऊर्जा को शांत करता है। लगातार 45 दिनों तक करने से अवसाद कम होता है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
राहु-केतु को शांत करने से मिटे भ्रम और बेचैनी
बुधवार की शाम हनुमान जी की पूजा करें। सरसों के तेल का दीपक जलाएं, गुड़ और चना अर्पित करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें। यह उपाय राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव को कम करता है। 11 बुधवार तक नियमित करने से डरावने सपने, चिंता और अनावश्यक भ्रम खत्म होने लगते हैं।
गुरु ग्रह को ऐसे करें प्रसन्न
सकारात्मक सोच के लिए यह उपाय बेहद लाभदायक है। गुरुवार को गुरु ग्रह को प्रसन्न करने के लिए पीली चीजें जैसे बेसन की मिठाई या केला आदि का दान करें। इसके अलावा केले के पौधे की पूजा करें और ‘ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः’ मंत्र का 19 बार जप करें। यह उपाय सकारात्मकता बढ़ाता है और मन को स्थिर बनाता है। लगभग 40 दिनों में मनोबल और सोचने की क्षमता में सुधार देखा जा सकता है।
सूर्य की ऊर्जा से बढ़ाएं आत्मविश्वास और जोश
रविवार की सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करें और सूर्य नमस्कार करें। तांबे की अंगूठी दाहिने हाथ की अनामिका में धारण करें और ‘ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः’ मंत्र का सात बार जप करें। यह उपाय शरीर में नई ऊर्जा भरता है और आत्मविश्वास को बढ़ाता है। 30 दिनों में व्यक्ति जीवन के प्रति सकारात्मक नजरिया महसूस करने लगता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।