तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत में कबायली नेताओं के बीच सहमति बन गई है। सहमति वार्ता को बाद बनी है जिसमें कहा गया है कि टीटीपी के लड़ाके तिराह घाटी से हटने पर तैयार हो गई हैं।

Tehrik-e Taliban Pakistan: पाकिस्तान में प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने स्थानीय कबायली नेताओं के साथ बातचीत की है। बातचीत के बाद टीटीपी ने बड़ा फैसला लेते हुए खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत के तिराह घाटी से हटने पर सहमति जताई है। माना जा रहा है कि इससे सूबे के हिंसा प्रभावित सीमावर्ती क्षेत्र में अस्थायी शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी।
क्या बोले कबायली नेता?
वार्ता में शामिल एक कबायली नेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि स्थानीय नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने टीटीपी के कमांडरों से मुलाकात की और उन्हें चार अगस्त को हुए एक लिखित समझौते की याद दिलाई। समझौते के तहत तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने हमलों या विध्वंसकारी गतिविधियों के लिए स्थानीय घरों का उपयोग नहीं करने का वादा किया था।
प्रभावित हुई है स्थानीय आबादी
कबायली नेताओं ने बताया कि सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच झड़पों से स्थानीय आबादी बुरी तरह प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि कुछ सशस्त्र समूह अब भी निजी घरों पर कब्जा कर रहे हैं और निवासियों को घर खाली करने के लिए मजबूर कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने टीटीपी नेताओं को उनके पांच अगस्त के उस आश्वासन की भी याद दिलाई जिसमें कहा गया था कि नागरिकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
घाटी छोड़कर चले गए हैं कई परिवार
कबायली नेताओं ने बार-बार हो रहे उल्लंघनों पर रोष व्यक्त करते हुए टीटीपी को चेतावनी भी दी। वार्ता के बाद, टीटीपी कमांडर ने निजी घरों में स्थित सभी ठिकानों को खाली करने, क्षेत्र से हटने पर सहमति जताई। कबायली नेताओं ने सुरक्षा अधिकारियों को कई दिनों से क्षेत्र में लगे कर्फ्यू को भी हटाने के लिए मना लिया है। कई परिवार सैन्य संघर्ष के दौरान भारी गोलीबारी की वजह से घाटी छोड़कर दूसरे स्थान चले गए हैं।