तमिलनाडु BJP चीफ को पुलिस ने किया अरेस्ट, हिंदू उत्सव में दीप जलाने से पहले पकड़ा गया

Spread the love

BJP की तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष Nainar Nagenthran को ‘कार्तिगई दीपम’ का दीप नहीं जलाने दिया गया है। पहाड़ी पर चढ़ने की कोशिश करते समय ही उनको अरेस्ट कर लिया गया।

मदुरई: BJP की तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष Nainar Nagenthran को मदुरै में गिरफ्तार कर लिया गया है। वह ”कार्तिगई दीपम” का दीप जलाने के लिए पहाड़ी पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे, इस दौरान पुलिस ने उनको अरेस्ट कर लिया। बता दें कि Nainar Nagenthran और उनके साथ तमाम हिंदुत्ववादी कार्यकर्ता तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी के शिखर पर ”कार्तिगई दीपम” का दीप जलाने के लिए जा रहे थे। उनको पुलिस ने रोका और गिरफ्तार कर लिया।

दीप जलाने के विवाद पर कोर्ट ने दिया था ये निर्देश

जान लें कि तिरुप्परनकुंद्रम मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं के एक वर्ग के बीच गतिरोध को लेकर मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने बुधवार को निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ता सीआईएसएफ के सुरक्षा घेरे में पहाड़ी पर जाकर प्राचीन स्तंभ पर दीप जलाए। हालांकि, अब जब कार्तिगई दीपम के मौके पर Nainar Nagenthran दीप जलाने जा रहे थे, तो उनको गिरफ्तार कर लिया गया।

तमिलनाडु BJP चीफ ने किया था कोर्ट के निर्देश का स्वागत

गिरफ्तारी से पहले Nainar Nagenthran ने एक्स पर पोस्ट किया था कि मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने Thiruparankundram Deepathooni में दीप जलाने की अनुमति देने वाले आदेश के खिलाफ डीएमके सरकार की तरफ से दायर अपील को खारिज कर दिया, ये खुशी की बात है, क्योंकि यह न्याय को कायम रखता है।

कोर्ट ने निर्देश के बावजूद नहीं जला दीप

गौरतलब है कि कोर्ट के निर्देश के बावजूद, बुधवार शाम को ‘कार्तिगई दीपम’ के अवसर पर यहां तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर दरगाह के पास मौजूद प्राचीन स्तंभ पर दीपक नहीं जलाया गया था, जिसकी वजह से दक्षिणपंथी संगठन हिंदू मुन्नानी के वर्कर्स और श्रद्धालुओं के एक वर्ग ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने डिमांड की कि दीपक को प्राचीन स्तंभ ‘दीपथून’ पर जलाया जाए जैसा कि बेंच ने निर्देश दिया।

तिरुप्परनकुंद्रम की पहाड़ी पर जाने से रोका गया

निर्देश के बावजूद पुलिस ने सीआईएसएफ सुरक्षा के साथ तिरुप्परनकुंद्रम पहुंचे याचिकाकर्ता राम रविकुमार और अन्य लोगों को पहाड़ी की तरफ बढ़ने से रोक दिया था, क्योंकि मदुरै डीएम ने मौजूदा कानून और व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर बीएनएसएस की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *