शुभमन गिल दिल्ली में रचेंगे महाकीर्तिमान, डॉन ​ब्रेडमैन के बाद ऐसा करने वाले बनेंगे पहले कप्तान

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भारतीय कप्तान शुभमन गिल ​जब वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के लिए मैदान में उतरेंगे तो उनसे एक नए कारनामे की उम्मीद होगी।

शुभमन गिल जब से टेस्ट टीम इंडिया के कप्तान बने हैं, तब से उनके बल्ले में और भी धार आ गई है। वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज के पहले मैच में वे भले ही ज्यादा रन न बना पाए हों, लेकिन इससे पहले इंग्लैंड सीरीज के दौरान उन्होंने खूब रन ठोके और कई सारे कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए। अब गिल अगले मैच का इंतजार कर रहे हैं, जब उनके पास एक और कारनामा करने का मौका होगा। इससे पहले कई बल्लेबाज डॉन ब्रेडमैन के रिकॉर्ड के करीब तक पहुंचे, लेकिन इसे तोड़ नहीं पाए। शुभमन गिल भी उसे तोड़ तो नहीं पाएंगे, लेकिन डॉन के बाद ऐसा कारनामा करने वाले दूसरे कप्तान जरूर बन जाएंगे।

बतौर टेस्ट कप्तान एक हजार रन पूरे करने के करीब हैं गिल

डॉन ब्रेडमैन जब अपनी टीम के टेस्ट कप्तान बने थे, तब उन्होंने सबसे कम पारियां खेलकर ही 1000 रन बना लिए थे। तब से लेकर अब तक इस कीर्तिमान को कोई तोड़ नहीं पाया है। वैसे तो ये रिकॉर्ड करीब करीब असंभव टाइप का है। ये टूटेगा तो शुभमन गिल से भी नहीं, लेकिन इतना जरूर है कि वे डॉन ​ब्रेडमैन के बाद बतौर कप्तान सबसे तेज एक हजार टेस्ट रन ​बनाने वाले कप्तान जरूर बन जाएंगे। 

केवल 11 टेस्ट पारियों में ही डॉन ने बनाए थे 1000 रन

दुनिया के महान बल्लेबाजों में शुमार डॉन ब्रेडमैन ने कप्तान बनने के बाद केवल 11 पारियां में ही एक हजार रन बनाने में कामयाबी हासिल की थी। डॉन ब्रेडमैन के बाद कई कप्तान ऐसे हुए, जो इस रिकॉर्ड के करीब तक पहुंचे, लेकिन इसे तोड़ नहीं पाए। एक बार तो श्रीलंका के कामेंदु मेंडिस भी इसके काफी करीब थे।  

गिल को एक हजार रन पूरे करने के लिए केवल 196 रनों की जरूरत

शुभमन गिल ने टेस्ट कप्तान बनने के बाद पहली दस टेस्ट पारियों में गिल ने 754 रन बनाए थे। इसके बाद जब वे घर पर पहला टेस्ट वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलने के लिए मैदान में उतरे तो वहां उन्होंने 50 रन और बना दिए। यानी पहली दस पारियों में उन्होंने 805 रन बना लिए हैं। अब एक हजार रन पूरे करने के लिए गिल को 196 रन और बनाने की जरूरत है। वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में है। बताया जा रहा है कि यहां की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार होगी। अगर ऐसा हुआ तो ​फिर गिल के बल्ले से एक और बड़ी पारी ज्यादा दूर नहीं दिख रही है। वैसे भी पिछले मैच की दूसरी पारी में गिल की बल्लेबाजी नहीं आई थी। इस बीच गिल के पास ये भी मौका होगा कि वे बतौर भारतीय कप्तान सबसे तेज 1000 टेस्ट रन पूरे करें। जो काम उनके लिए बहुत ज्यादा मुश्किल नजर नहीं आता है। 

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