मेडागास्कर में Gen-Z आंदोलन की वजह से सियासी व्यवस्था पूरी तरह से हिल गई है। राष्ट्रपति एंड्री राजोइलिना देश छोड़कर भाग चुके हैं और अब यहां सेना ने सत्ता संभाल ली है।

Madagascar Gen-Z Protest: मेडागास्कर में Gen-Z के उग्र प्रदर्शन की वजह से सियासी भूचाल आ गया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि सशस्त्र बल हिंद महासागर में स्थित इस द्वीपीय राष्ट्र में सत्ता संभाल रहे हैं। मेडागास्कर में एक विशिष्ट सैन्य इकाई के कर्नल ने इस बारे में जानकारी दी है। सेना के कर्नल की यह घोषणा संसद की ओर से राष्ट्रपति एंड्री राजोएलिना के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर मतदान के तुरंत बाद आई है।
देश छोड़कर भाग चुके हैं राष्ट्रपति
कर्नल माइकल रैंड्रियनिरिना ने पत्रकारों से कहा कि सेना एक परिषद बनाएगी जिसमें सेना और अर्द्धसैनिक कानून प्रवर्तन बल के अधिकारी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि एक नागरिक सरकार का जल्द गठन करने के लिए नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया जाएगा। मेडागास्कर में Gen-Z आंदोलन और सैनिकों के विद्रोह के कारण राष्ट्रपति देश छोड़कर पहले ही भाग चुके हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि देश के नेता के रूप में राजोएलिना के सात वर्षों के कार्यकाल का अंत हो गया है।

Gen-Z प्रोटेस्ट में शामिल हुई सेना
बता दें कि, मेडागास्कर में Gen-Z प्रदर्शन के दौरान हालात उस वक्त और गंभीर हो गए थे जब शनिवार को सेना का एक दल भी इन प्रदर्शनों में शामिल हो गया था। प्रदर्शन के दौरान सेना से जुड़े लोगों ने राष्ट्रपति और मंत्रियों से पद छोड़ने की मांग की थी। इस बीच भले ही राष्ट्रपति एंड्री राजोइलिना ने देश छोड़ दिया हो लेकिन उन्होंने राष्ट्रपति पद से इस्तीफा नहीं दिया है।
किस वजह से शुरू हुए थे प्रदर्शन?
एक रिपोर्ट में दावा किया था कि राष्ट्रपति एंड्री राजोइलिना को फ्रांस के एक सैन्य विमान से देश से बाहर निकाला गया है। फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में कोई बयान नहीं दिया है। मेडागास्कर फ्रांस का उपनिवेश रहा है और राजोइलिना के पास कथित तौर पर फ्रांसीसी नागरिकता है, जिसे लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली है। सरकार विरोधी प्रदर्शन 25 सितंबर को पानी और बिजली की लगातार कटौती के विरोध में शुरू हुए थे।