जंक फूड्स का बच्चों की सेहत पर हो रहा बुरा असर, UNICEF की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा, स्वामी रामदेव ने बताया बच्चों की अच्छी ग्रोथ का आसान तरीका

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बच्चों में मोटापा, डायबिटीज और आंखों से जुड़ी समस्याएं काफी तेजी से बढ़ी है। इसके पीछे असल वजह है खराब लाइफस्टाइल और गलत खान-पान। UNICEF की रिपोर्ट में एक ऐसा खुलासा हुआ जिसने सभी को चौंका दिया है। ऐसे में स्वामी रामदेव से जानेंगे बच्चों की हेल्दी ग्रोथ के लिए क्या असरदार उपाय अपनाया जाए।

दुनिया में मोटे बच्चों की गिनती 6 करोड़ से बढ़कर 18 करोड़ तक पहुंच गई है। हर 3 में से 1 बच्चे की नजर कमज़ोर है। लगभग 30 लाख को आर्थराइटिस की दिक्कत है और तो और बच्चों में टाइप-1 डायबिटीज़ के मामले भारत में सबसे ज़्यादा है। बात तो सही है बच्चों की ग्रोथ चौपट करने में सबसे बड़ी वजह खराब खानपान ही है। जिस उम्र में उन्हें न्यूट्रिशंस से भरपूर सुपर रिच फूड खाना चाहिए। उस ऐज में वो मैदा तला-भुना प्रोसेस्ड, ज्यादा नमक-शुगर वाला खाना खा रहे हैं।

पेरेंट्स भी बेचारे क्या करें क्योंकि बहुत से तो ऐसे हैं जिन्हें खुद नहीं पता कि बच्चों को क्या खिलाएं और क्या नहीं या ये कह लीजिए ऑप्शंस ही उन्हें समझ नहीं आते। इसलिए आज हम यहां इसका सामाधान बताने वाले हैं। और रही बात ऑप्शंस की तो ऑप्शंस की तो भरमार है। बच्चों को सेब, अनार और कीवी जैसे फ्रूट्स खिलाएं। सेब उनका पाचन सुधरेगा, अनार से खून की कमी पूरी होगी और बीपी कंट्रोल रहेगा। जबकि कीवी खिलाने से इम्यूनिटी हाई होगी। और अंगूर से कोलेस्ट्रॉल बैलेंस करने का काम करेगा। वहीं संतरे की बाइट उनके फेफड़ों के लिए शील्ड का काम करेगी। और जो केला तो बच्चों को सबसे ज़्यादा खिलाया जाता है वो उनके दिल-हड्डी-मसल्स को स्ट्रॉन्ग बनाएगा।

आज सही चुनाव करेंगे तो भविष्य में उनकी बेहतर ईटिंग हैबिट्स रहेंगी। बीमारियां कम होंगी। आजकल तो बच्चों के खानपान पर ज़्यादा ध्यान देने की ज़रूरत है। क्योंकि आजकल इम्यूनिटी वैसे ही कमज़ोर पड़ जाती है उपर से सर्दी और प्रदूषण का भी दोहरा हमला हो रहा है। ऐसे में सर्दी क्या, पॉल्यूशन क्या, बच्चों को आज हर परेशानी से बचाने औऱ उनकी ग्रोथ सुपरफास्ट कराने के लिए आज स्वामी रामदेव से जानेंगे आसान उपाय।

UNICEF की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

UNICEF की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में 9.4% बच्चे (लगभग 180 मिलियन) मोटापे से ग्रस्त हैं, जबकि 2000 में यह आंकड़ा 3% था। भारत में 10 से 15 लाख बच्चों को डायबिटीज है। भारत में टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों की संख्या दुनिया में दूसरे नंबर पर है। दुनियाभर में लाखों बच्चे जुवेनाइल इडियोपैथिक आर्थराइटिस (JIA) से प्रभावित हैं, जो बचपन का सबसे आम गठिया है, और अनुमान है कि लगभग 3 मिलियन (30 लाख) बच्चे और युवा वयस्क इससे पीड़ित हैं, जिसमें हर 1000 बच्चों में से 1 बच्चा प्रभावित होता है।

आज, लगभग 35% बच्चे मायोपिया से प्रभावित हैं, जो 1990 के दशक के 24% से काफी ज़्यादा है। दुनियाभर में हर तीन में से लगभग एक बच्चा मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) से पीड़ित है, और यह संख्या तेज़ी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2050 तक लगभग आधे बच्चे और किशोर इस समस्या से प्रभावित हो सकते हैं, जिसमें एशिया में सबसे ज़्यादा मामले हैं, जो कि ज़्यादा स्क्रीन टाइम और कम बाहरी गतिविधियों से जुड़ा है।

ब्रिटेन में 5 साल के बच्चों और अन्य यूरोपीय देशों में किशोरों की औसत ऊंचाई में कमी देखी गई है। इसके पीछे का कारण खराब आहार और पोषण की गुणवत्ता में कमी को लंबाई घटने का मुख्य कारण बताया गया है, जिससे शारीरिक विकास प्रभावित होता है। बढ़ती लंबाई और अंतर के कारण भी कुछ देशों (जैसे नीदरलैंड) में बच्चे और किशोर दुनिया में सबसे लंबे हैं, जबकि दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया, लैटिन अमेरिका और पूर्वी अफ्रीका के युवा छोटे रह गए हैं, जिससे देशों के बीच ऊंचाई का अंतर 20 सेमी तक हो सकता है।

ज्यादा स्क्रीन टाइम से बच्चों में परेशानी

अटेंशन-डेफ़िसिट

हाइपरएक्टिविटी

खराब कंसंट्रेशन

कमजोर नजर

ग्रोथ पर असर

ऑटिज्म

देशों की Average हाइट

भारत – 5′ 5”

अमेरिका –  5′ 9” 

ब्रिटेन – 5’10”

ऑस्ट्रेलिया –  5’11”

बच्चे बनेंगे ऑलराउंड

फिट बॉडी

मजबूत इम्यूनिटी

शार्प माइंड

अच्छा कंसंट्रेशन

तेज मेमोरी

हाइट बढ़ाने के टिप्स

30 मिनट योग करें

जंकफूड बंद कर दें

आधा घंटा धूप में बैठें

फल-हरी सब्जियां खाएं

आउटडोर गेम खेलें

बच्चों में मोटापा कैसे करें कंट्रोल

घर पर बना खाना दें

फल-सब्जी की मात्रा बढ़ाएं

जंक फूड बंद कर दें

वर्कआउट, योग कराएं

अच्छी ग्रोथ के लिए करें ये काम

स्क्रीन टाइम कम रखें

सुबह जल्दी उठें

रात में समय से सोएं

टाइम टेबल बनाएं

30 मिनट वर्कआउट

कैल्शियम बढाने के लिए क्या खिलाएं?

दूध शतावर

केले का शेक

खजूर-अंजीर शेक

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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