कैंसर बना जानलेवा ! यहां जानें Cancer से बचने के लिए क्या ना खाएं

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कैंसर बहुत धातक बीमारी है। समय पर इसका पता न चलने से कैंसर पीड़ित मरीजों की मौत भी हो सकती है। लेकिन कुछ उपाय करके कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है।

कैंसर वो नाम जिसे सुनते ही दिल कांप जाता है। हर घर, हर मोहल्ले में अब किसी न किसी को ये बीमारी छू चुकी है। लेकिन सोचिए जिस तरह ब्लड प्रेशर, शुगर, थायरायड, मोटापा, लिवर और हार्ट जैसी बीमारियां हर घर की हकीकत बन चुकी हैं। अगर अब भी नहीं संभले तो वो दिन दूर नहीं जब ‘कैंसर का मरीज’ भी हर घर में मिलेगा लेकिन अच्छी खबर ये है कि इसे ‘रोका जा सकता है’। कैंसर को दूर रखना है तो शरीर को ‘अलकलाइन’ बनाना बहुत जरूरी है क्योंकि कैंसर ‘एसिडिक बॉडी एनवायरनमेंट’ में तेजी से बढ़ता है। जबकि इसे कंट्रोल करना मुश्किल नहीं है बस इसके लिए कुछ आसान स्टेप्स लेने होंगे।

पहला स्टेप’

अपने दिन की शुरुआत लेमन वॉटर से करें। क्योंकि जब ‘नींबू पानी’ डायजेस्ट होता है, तो ये शरीर में ‘अलकलाइन बायप्रोडक्ट्स’ बनाता है। जो शरीर के एसिड को न्यूट्रलाइज करके ‘pH लेवल को बैलेंस’ करता है।

दूसरा स्टेप

ज्यादा से ज्यादा ‘ग्रीन वेजिटेबल और सैलेड’ खाएं…पालक, केल, ब्रोकली। ये सब ‘सुपर-अलकलाइन फूड्स’ हैं। इनमें मिनरल्स, आयरन, फाइबर सब कुछ है जो शरीर को डिटॉक्स, एनर्जी से भरपूर और रोगों से दूर रखता है।

तीसरा स्टेप

प्रोसेस्ड फूड और शुगर से दूरी बनाइए। ये सारे फूड ‘हाईली एसिडिक’ होते हैं। फास्ट फूड, रेडी-टू-ईट स्नैक्स, सॉफ्ट ड्रिंक्स। शरीर में एसिडिटी, फैट और सेल डैमेज बढ़ाते हैं।

चौथा स्टेप

‘हफ्ते में एक दिन निर्जला या फिर जलोपवास करें। शरीर को रेस्ट देने से ‘टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं’। बॉडी का डिफेंस सिस्टम एक्टिव होता है और ‘इम्यूनिटी’ मजबूत होती है। एक और बात टेंशन कम से कम लें क्योंकि ‘Stress’ ही वो चिंगारी है, जो शरीर के सेल्स को इम्बैलेंस कर देती है।

तो वक्त रहते बुरी आदतों को छोड़ दीजिए जीवन को ‘अलकलाइन और योग से एक्टिव’ बनाने की शुरुआत कीजिए। HPV और हेपेटाइटिस-B वैक्सीन मैमोग्राफी,लंग स्कैनिंग और कोलोनोस्कोपी जैसी स्क्रीनिंग, रुटीन में करवाने की आदत डालिए। अमेरिका और चीन ने भी यही किया है। नतीजा पिछले 30 साल में वहां कैंसर से मौत 40% तक घट गईं है। ऐसे में बाबा रामदेव से जानें कैंसर से कैंसे बचें।

जानलेवा है कैंसर

सही वक्त पर कैंसर की पहचान होने से इलाज संभव है। शुरुआती स्टेज में ठीक होने के चांस ज्यादा होते हैं। हालांकि 70% लोगों का कैंसर लास्ट स्टेज में डिटेक्ट होता है। हर 9 में से एक पर कैंसर का खतरा। ऑक्सफॉर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में ब्रेस्ट कैंसर से 40 फीसदी महिलाएं ग्रसित हैं। वहीं 10 साल में डेथ रेट में कमी आई है। इसके अलावा सर्वाइवल रेट 70% तक पहुंच गया है।

कैंसर के रिस्क फैक्टर

मोटापा

स्मोकिंग

एल्कोहल

प्रदूषण

पेस्टिसाइड

सनबर्न

कैंसर से बचने के लिए क्या ना खाएं ?

प्रोसेस्ड फूड

तली-भुनी चीज़ें

रेड मीट

कार्बोनेटेड ड्रिंक्स

कैंसर से बचाव के उपाय

व्हीटग्रास

गिलोय

एलोवेरा

नीम

तुलसी

हल्दी

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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