कलकत्ता हाई कोर्ट ने आज यानी 3 दिसंबर को हाई कोर्ट की सिंगल बेंच द्वारा पहले रद्द किए गए 32,000 अपॉइंटमेंट के मामले पर अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने सिंगल बेंच के ऑर्डर को खारिज कर दिया है।

वेस्ट बंगाल में लगभग 32 हजार प्राइमरी स्कूल टीचर्स को बड़ी राहत मिली है। कलकत्ता हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय की सिंगल बेंच के फैसले को पलट दिया है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने 2014 के कैश फॉर जॉब्स रिक्रूटमेंट स्कैम केस में 32000 प्राइमरी टीचर्स की अपॉइंटमेंट कैंसिल करने वाले सिंगल बेंच के ऑर्डर को खारिज कर दिया है। बता दें कि इससे पहले जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय की सिंगल बेंच ने 2023 में प्राइमरी टीचर्स (TET) अपॉइंटमेंट को रद्द करने का आदेश दिया था।
शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “माननीय हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के आज दिए गए फैसले के संदर्भ में, मैं प्राइमरी एजुकेशन बोर्ड को बधाई देता हूं। हाई कोर्ट की सिंगल बेंच का फैसला रद्द कर दिया गया है। 32,000 प्राइमरी स्कूल टीचरों की नौकरियां पूरी तरह सुरक्षित हैं। टीचरों को भी मेरी शुभकामनाएं। सच्चाई की जीत हुई है।”
बता दें कि WBTET पहले 2014 में हुआ था और लगभग 1.25 लाख कैंडिडेट ने TET एग्जाम पास किया था। रिक्रूटमेंट प्रोसेस 2016 में शुरू हुआ और 42,949 लोगों को नौकरी दी गईं।