Magh Mela 2026: माघ मेले में जरूर करें ये 5 तरह के दान, परिवार में आएंगी खुशियां, पितृ भी होंगे प्रसन्न

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Magh Mela 2026: माघ मेला 2026 में 3 जनवरी से शुरू हो जाएगा। 44 दिनों तक प्रयागराज में माघ मेला आयोजित होगा। इस दौरान पवित्र संगम तट पर डुबकी लगाने के साथ ही आपको दान भी अवश्य करना चाहिए। किन चीजों का दान आपके लिए शुभ हो सकता है, आइए जानते हैं।

Magh Mela 2026: माघ मेला शुरू होने में अब बहुत कम वक्त बचा है। साल 2026 में 3 जनवरी से माघ मेले की शुरुआत हो जाएगी। वहीं 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन माघ मेले का अंतिम स्नान किया जाएगा। माघ मेले में पवित्र स्नान के साथ ही दान करना भी बेहद शुभ माना जाता है। इस दौरान 5 तरह के दान आप कर सकते हैं जिससे ईश्वर का आशीर्वाद तो आपको मिलता ही है साथ ही आपके पितृ भी प्रसन्न होते हैं। आइए जानते हैं किन चीजों का इस दौरान दान करना चाहिए। 

गुप्त दान

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुप्त दान करने से आपको बेहद शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। गुप्त दान का अर्थ है कि आप इस तरह किसी चीज का दान करें कि दान देने वाले तक को आपका नाम पता न हो। माघ मेले के दौरान इस तरह का दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति आपको जीवन में होती है। 

अन्न का दान

अन्न दान को महादान कहा जाता है। इसलिए माघ मेले के दौरान आपको अन्न दान अवश्य करना चाहिए। अन्न का दान करने से ईश्वर का आशीर्वाद तो आपको प्राप्त होता ही है साथ ही आपके पितृ भी प्रसन्न होते हैं। अन्न का दान करने से आपके घर का अन्न का भंडार हमेशा भरा रहता है। 

बिस्तर का दान 

अगर आप माघ मेले के दौरान रजाई, गद्दा, चरपाई, कंबल आदि का दान करते हैं तो जीवन में संतुलन आता है। बिस्तर का दान करके आप जरूरतमंद लोगों की सहायता तो करते ही हैं साथ ही मानसिक शांति भी आपको ऐसा करने से प्राप्त होती है। 

वस्त्रों का दान 

माघ मेले के दौरान आपको जरूरतमंद लोगों को वस्त्र भी दान में अवश्य देने चाहिए। वस्त्रों का दान करने से आप जरूरतमंदों की सहायता तो करते ही हैं साथ ही आपके पितरों का आशीर्वाद भी आपको प्राप्त होता है। 

तिल का दान 

माघ मेले के दौरान तिल का दान करने से सूर्य भगवान का आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है। आप तिल या फिर तिल के लड्डूओं का दान भी कर सकते हैं। तिल का दान करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति भी सुधरती है और आपको करियर-कारोबार में भी शुभ फल प्राप्त होते हैं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

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