महाभारत के युधिष्ठिर साइबर ठगी का शिकार, मुंबई पुलिस की तत्परता ने वापिस दिलाई 98 हजार की रकम

Spread the love

माहभारत सीरियल के एक्टर गजेंद्र चौहान ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए थे। हालांकि मुंबई पुलिस की तत्परता ने उनके 98 हजार रुपयों को वापस दिला दिया है।

टीवी धारावाहिक महाभारत में युधिष्ठिर की भूमिका से घर-घर में पहचान बनाने वाले अभिनेता गजेंद्र सिंह चौहान साइबर ठगी का शिकार हो गए। हालांकि मुंबई की ओशिवारा पुलिस की साइबर सेल ने समय रहते कार्रवाई करते हुए उनके खाते से निकाली गई पूरी 98 हजार रुपये की रकम वापस दिला दी। 69 वर्षीय गजेंद्र चौहान अंधेरी पश्चिम के लोखंडवाला-ओशिवारा इलाके में रहते हैं। 10 दिसंबर को उन्हें फेसबुक पर डी-मार्ट के नाम से सूखे मेवों की भारी छूट वाला एक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक कर ऑर्डर प्रक्रिया पूरी करते ही उनके मोबाइल पर एक ओटीपी आया। इसके कुछ ही पलों बाद उन्हें संदेश मिला कि उनके एचडीएफसी बैंक खाते से 98,000 रुपये डेबिट हो चुके हैं। ठगी का एहसास होते ही गजेंद्र चौहान ने बिना देर किए पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस की तत्परता ने सुलझाया मामला

वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय चव्हाण और पुलिस निरीक्षक आनंद पगारे के मार्गदर्शन में ओशिवारा पुलिस की साइबर टीम ने मामले की तुरंत जांच शुरू की। साइबर उप-निरीक्षक शरद देवरे, सहायक पुलिस निरीक्षक अशोक कोंडे और कांस्टेबल विक्रम सरनोबत ने 1930 हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत और बैंक स्टेटमेंट की जांच की। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम रेज़रपे के जरिए क्रोमा से जुड़े एक खाते में ट्रांसफर की गई थी। इसके बाद पुलिस ने एचडीएफसी बैंक, रेज़रपे और क्रोमा के नोडल अधिकारियों से संपर्क कर ईमेल के माध्यम से कॉर्डिनेट किया। पुलिस की तेज़ कार्रवाई के चलते ट्रांजैक्शन को समय रहते होल्ड कर लिया गया और पूरी 98 हजार रुपये की राशि अभिनेता के खाते में वापस कर दी गई। ओशिवारा पुलिस की इस तत्परता की सराहना करते अभिनेता ने मुंबई पुलिस और ओशिवारा पुलिस के अधिकारियों को धन्यवाद दिया। 

रेडियोग्राफी की ली थी डिग्री और सिनेमा में बनाई पहचान

चौहान का जन्म 10 अक्टूबर 1956 को दिल्ली में हुआ था। उन्होंने दिल्ली के रामजस सीनियर सेकेंडरी स्कूल नंबर 2 से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, गजेंद्र ने अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIMS) से रेडियोग्राफी में डिप्लोमा किया। इसके बाद, वे मुंबई चले गए और अपने अभिनय कौशल को निखारने के लिए रोशन तनेजा के एक्टिंग स्कूल में दाखिला लिया। गजेंद्र ने 1983 में टेलीविजन सीरियल पेइंग गेस्ट से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। इसके बाद, उन्होंने रजनी, एयर होस्टेस और अदालत जैसे सीरियलों में काम किया। चौहान ने 1986 में फिल्म मैं चुप नहीं रहूंगी से फिल्मी दुनिया में कदम रखा। उन्होंने कई बी-ग्रेड और सी-ग्रेड फिल्मों में भी काम किया है। लेकिन सबसे ज्यादा पहचान उन्हें बीआर चोपड़ा के सीरियल महाभारत के किरदार युधिस्टिर ने दिलाई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *