Dattatreya Ji ki Aarti: दत्तात्रेय जयंती 2025 इस वर्ष 4 दिसंबर को मनाई जा रही है। त्रिदेवों के संयुक्त अवतार भगवान दत्तात्रेय की आरती और पूजा से भक्तों को विशेष आध्यात्मिक लाभ और मोक्ष का आशीर्वाद मिलता है। यहां पढ़िए दत्तात्रेय जी की आरती के हिंदी लिरिक्स

Dattatreya Ji ki Aarti Hindi Lyrics: आज दत्तात्रेय जी का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है, जिसे दत्तात्रेय या दत्त जयंती के नाम से भी जाना जाता है। मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा को मनाई जाने वाली दत्तात्रेय जयंती हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और फलदायी मानी जाती है। ब्रह्मा, विष्णु और महेश के संयुक्त अवतार भगवान दत्तात्रेय की जन्म तिथि होने के कारण यह दिन भक्तों के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। साल 2025 में दत्तात्रेय जयंती का पर्व 4 दिसंबर, गुरुवार को मनाया जा रहा है।
मान्यता है कि इस शुभ दिन पर भगवान दत्तात्रेय की पूजा-अर्चना, दत्तात्रेय आरती और गंगा स्नान करने से दुर्भाग्य दूर होता है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। यहां दत्तात्रेय जी की आरती के पूरे लिरिक्स दिए जा रहे हैं। आप इसे कहीं नोट करके रख सकते हैं, ताकि पूजा के समय आपको ढूंढना ना पड़े।
भगवान दत्तात्रेय जी की आरती
त्रिगुणात्मक त्रैमूर्ती दत्त हा जाणा ।
त्रिगुणी अवतार त्रैलोक्य राणा ।
नेती नेती शब्द न ये अनुमाना ॥
सुरवर मुनिजन योगी समाधी न ये ध्याना ॥
जय देव जय देव जय श्री गुरुद्त्ता ।
आरती ओवाळिता हरली भवचिंता ॥
सबाह्य अभ्यंतरी तू एक द्त्त ।
अभाग्यासी कैची कळेल हि मात ॥
पराही परतली तेथे कैचा हेत ।
जन्ममरणाचाही पुरलासे अंत ॥
दत्त येऊनिया ऊभा ठाकला ।
भावे साष्टांगेसी प्रणिपात केला ॥
प्रसन्न होऊनि आशीर्वाद दिधला ।
जन्ममरणाचा फेरा चुकवीला ॥
दत्त दत्त ऐसें लागले ध्यान ।
हरपले मन झाले उन्मन ॥
मी तू पणाची झाली बोळवण ।
एका जनार्दनी श्रीदत्तध्यान ॥