नीता अंबानी जैसी तमाम बड़े घरानों की महिलाओं के साड़ी बांधने का स्टाइल सबसे अलग होता है। इनकी साड़ी का पल्लू इतना लंबा होता है जो जमीन पर टच करता रहता है। ज्योतिष की मानें तो लंबे पल्लू वाली साड़ी पहनने से सौभाग्य बढ़ता है और पति को खूब तरक्की मिलती है।

How To Wear Saree According Astrology: आमतौर पर सभी महिलाएं अपनी साड़ी का पल्लू इस तरह से रखती हैं जिससे वह जमीन पर टच न होने पाए। लेकिन वहीं नीता अंबानी समेत तमाम अमीर महिलाएं अपनी साड़ी का पल्लू काफी लंबा रखती हैं। दरअसल ज्योतिष अनुसार साड़ी में लंबा पल्लू रखना बेहद शुभ माना जाता है। साड़ी बांधने का ये स्टाइल आपको रॉयल लुक तो देता ही है साथ ही पति का भाग्य भी मजबूत करता है। चलिए आपको बताते हैं लंबे पल्लू वाली साड़ी बांधने से क्या लाभ मिलता है।
इसलिए साड़ी का पल्लू रखना चाहिए लंबा
ज्योतिष अनुसार महिलाओं को छोटे पल्लू की साड़ी नहीं पहननी चाहिए। साड़ी का पल्ला इतना लंबा होना चाहिए जिससे वो जमीन पर टच होता रहे। लंबे पल्ले वाली साड़ी पहनने से पति का भाग्य मजबूत होता है और शुक्र देव की कृपा बरसती है। साड़ी बांधने का ये स्टाइल समृद्धि में वृद्धि करता है। कहते हैं साड़ी का पल्ला जब जमीन से टच होता है तो वो सौंदर्य को तो बढ़ाता ही है साथ-साथ आपका दिन भी शुभ बनाता है।
साड़ी में प्लेट्स कितनी होनी चाहिए?
ज्योतिष शास्त्र अनुसार साड़ी में 7 प्लेट्स बांधना अच्छा होता है क्योंकि इससे शरीर के सात चक्र बैलेंस होते हैं। लेकिन इसका फायदा आपको तभी होगा जब साड़ी आपकी नाभि से तीन इंच नीचे बंधी हो।
राशि अनुसार पहनें साड़ी, मिलेंगे शुभ परिणाम
अगर आप किसी जरूरी काम पर जा रही हैं और उसमें सफलता पाना चाहती हैं तो राशि अनुसार साड़ी पहनें। चलिए आपको बताते हैं किस राशि की महिला के लिए कौन से रंग की साड़ी रहेगी शुभ…
- मेष – लाल रंग की साड़ी
- वृषभ – सफेद या गुलाबी रंग की साड़ी
- मिथुन – हरे रंग की साड़ी
- कर्क – सिल्वर या हल्के ग्रे रंग की साड़ी
- सिंह – सुनहरे या केसरिया रंग की साड़ी
- कन्या – हल्का हरा या आसमानी नीला रंग
- तुला – गुलाबी या आसमानी नीला रंग
- वृश्चिक – गहरे लाल या जामुनी रंग की साड़ी
- धनु – पीला या संतरी रंग
- मकर – नेवी नीला या गहरा स्लेटी रंग
- कुंभ – नीला या बैंगनी कलर
- मीन – हल्का पीला या गुलाबी रंग
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।