“डीके शिवकुमार जल्द मुख्यमंत्री बनेंगे, 200% यकीन”, दिल्ली से लौटे कांग्रेस MLAs, हाईकमान पर छोड़ा फैसला

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कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने की पैरवी करने के लिए कुछ कांग्रेस विधायक दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेताओं से मिले। विधायकों ने कहा कि इस मामले पर अंतिम फैसला आलाकमान ही करेगा।

कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान उस वक्त और तेज हो गई, जब उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने की पैरवी करने के लिए कुछ कांग्रेस विधायक मंगलवार को दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेताओं से मिले। विधायकों ने हालांकि कहा कि इस मामले पर अंतिम फैसला आलाकमान ही करेगा।

रामनगर के विधायक इकबाल हुसैन ने कहा कि सभी हाईकमान के फैसले का पालन करेंगे, लेकिन उन्होंने शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का पूरा विश्वास जताया। इकबाल हुसैन ने कहा, “मैं हमेशा अपने उस बयान पर कायम हूं… 200 प्रतिशत, वह (डीके शिवकुमार) जल्द ही मुख्यमंत्री बनेंगे। हाईकमान फैसला करेगा। जैसा कि हमारे नेता (शिवकुमार) ने कहा था, सत्ता का हस्तांतरण पांच से छह पार्टी नेताओं के बीच एक गोपनीय समझौता है, और वे पांच से छह लोग ही फैसला करेंगे।”

मंत्रिमंडल विस्तार में नए चेहरों की मांग

मद्दूर के विधायक के.एम. उदय ने बताया कि विधायकों ने हाईकमान से आगामी कैबिनेट फेरबदल के दौरान नए चेहरों और युवाओं को अवसर देने का भी अनुरोध किया है और उन्हें संकेत मिले हैं कि इस पर विचार किया जाएगा। उन्होंने शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग पर कहा कि पार्टी नेतृत्व फैसला करेगा और सभी उसका पालन करेंगे।

नेतृत्व पर भ्रम जल्द दूर करने की अपील

कुछ विधायकों ने हाईकमान से मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रहे भ्रम को जल्द से जल्द खत्म करने का आग्रह किया। मागडी के विधायक एच.सी. बालकृष्ण ने कहा कि अगले मुख्यमंत्री का फैसला हाईकमान के हाथ में है, लेकिन उन्होंने इस अनिश्चितता को दूर करने की अपील की।

एच.सी. बालकृष्ण ने कहा, “हम भ्रम दूर करने के लिए हाईकमान से चर्चा करने गए थे, क्योंकि एक अंतिम फैसले की जरूरत है। कौन मुख्यमंत्री बनता है यह महत्वपूर्ण नहीं है; वर्तमान स्थिति कांग्रेस पार्टी के लिए हानिकारक है। हाईकमान को हस्तक्षेप करना चाहिए और इसे समाप्त करना चाहिए।”

आधे कार्यकाल के बाद बढ़ी अटकलें

बता दें कि कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के 20 नवंबर को अपने पांच साल के कार्यकाल का आधा समय पूरा करने के बाद से आंतरिक सत्ता संघर्ष तेज हो गया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके उप डीके शिवकुमार के बीच 2023 में सत्ता-साझेदारी समझौते की अटकलें लगाई जा रही हैं, जिसके कारण नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं ने जोर पकड़ा है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, शिवकुमार का समर्थन करने वाले छह विधायकों का एक दल रविवार रात को हाईकमान से मिलने दिल्ली गया था, और कुछ और विधायकों के भी उनके पीछे जाने की उम्मीद है। पिछले हफ्ते भी लगभग 10 विधायक एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मिले थे।

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