चीन का तेल निकालने वाले मेजर शैतान सिंह भाटी की दोनों पोतियां भी हैं शूरवीर, दादा के दिखाए रास्ते पर चलकर हुईं देश को समर्पित

Spread the love

‘120 बहादुर’ की रिलीज को सिर्फ एक दिन बाकी है और इसके साथ ही शैतान सिंह भाटी की कहानी बड़े पर्दे पर छाने के लिए तैयार है। इस फिल्म की चर्चा के बीच ही शैतान सिंह भाटी का परिवार भी चर्चा में आ गया है। चलिए आपको बताते हैं उनकी दोनों पोतियां क्या कर रही हैं।

चीन के दो हजार सैनिकों और भारी हथियारों के सामने सिर्फ 120 भारतीय जवान डटे हुए थे, मां भारती की अस्मिता की रक्षा के लिए सीना तानकर, आखिरी दम तक लड़ने को तैयार। दोनों ओर से लगातार गोलियां चल रही थीं। उसी बीच मेजर शैतान सिंह दुश्मन पर जवाबी हमला करने के साथ-साथ अपने जवानों का मनोबल भी बढ़ा रहे थे। तभी एक गोली उनके हाथ में लगी। साथियों ने उन्हें पीछे हटने की सलाह दी, लेकिन मेजर के लिए यह कोई विकल्प नहीं था। हाथ घायल हो चुका था, लेकिन साहस पूरी तरह अडिग। उन्होंने मशीन गन के ट्रिगर को रस्सी की मदद से अपने पैर से बांधा और शरीर में सांस रहने तक दुश्मनों पर गोलियां बरसाते रहे। उनके इसी अदम्य साहस और पराक्रम के लिए देश ने उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया। आज, हम उसी परमवीर मेजर शैतान सिंह की दो बहादुर पोतियों के बारे में जानेंगे, जो दादा की तरह ही देश की सेवा में तत्पर हैं।

परमवीर मेजर की दो शूरवीर पोतियां

मेजर शैतान सिंह के बेटे बीएस भाटी बड़े होकर बैंक कर्मचारी बने। उनकी पत्नी गृहणी हैं और पूरा परिवार जोधपुर में रहता है। देशभक्ति का जज्बा इस परिवार में पीढ़ियों से चला आ रहा है। यही कारण है कि मेजर शैतान सिंह की दोनों पोतियों ने भी सेना में जाकर देश सेवा को ही अपना जीवन पथ चुना। छोटी पोती डिंपल भाटी, पिछले साल ही भारतीय सेना में कमीशंड हुईं, गणतंत्र दिवस की परेड में भी शामिल हो चुकी हैं। वर्तमान में डिंपल सिग्नल कोर में लेफ्टिनेंट हैं और जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में तैनात हैं। उनकी बड़ी बहन दिव्या भाटी पहले से ही भारतीय सेना में कैप्टन के पद पर कार्यरत हैं।

बचपन से था सेना में जाने का सपना

देशभक्ति इनके खून में है। इसमें कोई शक नहीं। दोनों बहनों ने बचपन से ही सेना में जाने का सपना संजोया था। डिंपल ने कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया और उसके बाद एसएसबी की तैयारी की। चेन्नई स्थित ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी में उन्होंने अपनी ट्रेनिंग सिल्वर मेडल के साथ पूरी की। उनकी पहली पोस्टिंग कुपवाड़ा में मिली, जहां वे आज भी सेवा दे रही हैं। बीएस भाटी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि बेटियों के सेना में जाने पर लोग तरह-तरह की बातें करते थे, लेकिन दोनों बहनों ने अपने दादा की देशभक्ति को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया और उसे पूरा भी किया।

कर्तव्यपथ पर दिखाया स्टंट का कमाल

डिंपल न केवल एक बेहतरीन अधिकारी हैं, बल्कि अपनी बहादुरी और कौशल से सबको प्रभावित भी कर चुकी हैं। गणतंत्र दिवस पर कर्तव्यपथ पर होने वाली परेड में वे डेयरडेविल्स कोर ऑफ सिग्नल के साथ रॉयल एनफील्ड बुलेट पर शानदार स्टंट कर चुकी हैं। कई वर्षों से यह टीम अपने प्रदर्शन से देश को गर्वित करती आई है और 2023 में डिंपल को इसका हिस्सा बनने का मौका मिला।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *