जेफरी एपस्टीन केस की फाइल्स के जारी होने से जुड़ा बिल अमेरिकी सीनेट में पास हो गया है। ट्रंप ने खुद भी इसके पक्ष में वोट करने के लिए अपील की। देखें एपस्टीन फाइल्स का ये पूरा मामला क्या है।

नई दिल्ली: आखिरकार अमेरिका में जेफरी एपस्टीन केस की फाइल्स के जारी होने का रास्ता साफ हो गया है। जेफरी एपस्टीन केस से जुड़ी फाइल्स रिलीज करने से जुड़ा बिल हाउस और सीनेट में पास हो गया है। इसमें हैरानी की बात ये है कि ट्रंप की जो पार्टी इसका विरोध करती थी, उसके सांसदों ने भी बिल के समर्थन में वोट किया है। सीनेट में बिल 427-1 के बहुमत से पास हुआ। इस खबर में समझते हैं कि जेफरी एपस्टीन केस की फाइल्स में ऐसा क्या है जिसके जारी होने से अमेरिकी के बड़े-बड़े रईस डरते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद इसका विरोध क्यों कर रहे थे?
कौन था जेफरी एपस्टीन?
बता दें कि फाइल्स रिलीज करने को लेकर बिल तो पास हो गया है लेकिन अब इसे डोनाल्ड ट्रंप की हस्ताक्षर की जरूरत भी होगी। ट्रंप के साइन करते ही जस्टिस डिपार्टमेंट को एपस्टीन से जुड़ीं फाइल्स को रिलीज करना पड़ेगा। जेफरी एपस्टीन, एक फाइनेंसर था जिसने 2019 में मैनहट्टन जेल में खुद को मार डाला था। वह यौन शोषण और कम उम्र की लड़कियों की तस्करी के आरोपों में जेल में बंद था।
“एपस्टीन फाइल्स स्कैंडल” क्या है?
जान लें कि “एपस्टीन फाइल्स स्कैंडल” यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन और उसके साथियों की जांच से जुड़े हजारों पन्नों के दस्तावेज हैं। जेफरी एपस्टीन पर आरोप लगे थे कि वह अपने पैसे और प्रभावशाली व्यक्तियों यानी राजनेताओं, मशहूर हस्तियों और राजघरानों के साथ अपने संबंधों का इस्तेमाल करके लड़कियों की तस्करी का गिरोह चलाता था। इतना ही नहीं वह इन हस्तियों के लिए पार्टी भी करवाता था। इनमें कई लड़कियों को यौन शोषण हुआ। पीड़ित लड़कियां, लगातार एपस्टीन फाइल्स को जारी करने की मांग कर रही हैं। उनकी डिमांड हैं कि दोषियों को सजा मिले।
जब एपस्टीन के चक्कर में प्रिंस एंड्रयू का छिना टाइटल?
एपस्टीन फाइल्स का मुद्दा कितना बड़ा है, आप इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि जब ब्रिट्रेन के प्रिंस एंड्रयू का इससे नाम जुड़ा था तो उनका टाइटल छीन लिया गया था। उन्हें शाही परिवार से बेदखल कर दिया गया था। किंग चार्ल्स III ने दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से कनेक्शन के चलते प्रिंस एंड्रयू को सजा दी थी।
एपस्टीन फाइल्स से ट्रंप का क्या है कनेक्शन?
गौरतलब है कि जेफरी एपस्टीन से कनेक्शन के आरोप अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी लग चुके हैं। हालांकि, अब उन्होंने जेफरी एपस्टीन केस की फाइल्स पर अपना रुख बदल दिया। उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन मंबर्स को जेफरी एपस्टीन केस से जुड़ी फाइलें जारी करने के समर्थन में वोट करना चाहिए। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि हमारे पास छिपाने जैसा कुछ नहीं है। ये रिपब्लिकन पार्टी की कामयाबी से ध्यान भटकाने का पैंतरा है। जेफरी एपस्टीन से काफी पहले ही उन्होंने अपने संबंध तोड़ लिए थे।