कर्नाटक में नवंबर में कांग्रेस सरकार के ढाई साल पूरे होने पर राज्य में मुख्यमंत्री बदले जाने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं, जिसे कुछ लोग ‘नवंबर क्रांति’ बता रहे हैं। गृह मंत्री जी.परमेश्वर ने कहा कि ये केवल अटकलें हैं।

बेंगलुरु: कर्नाटक के गृह मंत्री जी.परमेश्वर ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच सत्तारूढ़ कांग्रेस में किसी भी तरह के विभाजन के दावों को खारिज करते हुए मंगलवार को कहा कि पार्टी एकजुट है और सरकार को कोई खतरा नहीं है। नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलों को अधिक तवज्जो नहीं देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता परमेश्वर ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि ऐसी चर्चाएं केवल मीडिया में हैं और विधायक दल में इस संबंध में कोई बातचीत नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री बदले जाने की अटकलें
कर्नाटक में नवंबर में कांग्रेस सरकार के ढाई साल पूरे होने पर राज्य में मुख्यमंत्री बदले जाने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं, जिसे कुछ लोग ‘नवंबर क्रांति’ बता रहे हैं। राज्य में मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर भी अटकलों का दौर जारी है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, अगर पार्टी आलाकमान मंत्रिमंडल फेरबदल को मंजूरी दे देता है, तो इसका मतलब होगा कि मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धरमैया अपने पद पर बने रहेंगे और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के इस पद पर आसीन होने की संभावना समाप्त हो जाएगी।
पार्टी के अंदर हमने कुछ भी तय नहीं किया-परमेश्वर
परमेश्वर ने नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल फेरबदल से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा, “ये सारी अटकलें कौन लगा रहा है? पार्टी के अंदर हमने कुछ भी तय नहीं किया है, हमने कुछ भी चर्चा नहीं की है। नेतृत्व परिवर्तन या विस्तार के बारे में सीएलपी (कांग्रेस विधायक दल) को न तो बुलाया गया है और न ही चर्चा की गई है, पार्टी के अंदर ऐसा कुछ नहीं हो रहा। यह केवल बाहर मीडिया में है, बहुत सारी अटकलें लगाई जा रही हैं।” उन्होंने कहा, “स्वाभाविक है कि अगर आप (मीडिया) आएंगे और मेरी प्रतिक्रिया मांगेंगे, तो मैं कुछ कहूंगा और इसी तरह यह सब (अटकलबाजी) चल रहा है। मुझे नहीं लगता कि पार्टी के अंदर इस दिशा में कोई चर्चा हो रही है।”
हाईकमान के फैसले का पालन करूंगा-सिद्धरमैया
बता दें कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने सोमवार को कहा कि वह अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल के संबंध में कांग्रेस आलाकमान के फैसले का अनुपालन करेंगे। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि पार्टी नेतृत्व ने उनसे चार-पांच महीने पहले यह (मंत्रिमंडल में फेरबदल की) प्रक्रिया करने को कहा था, लेकिन उन्होंने सरकार के 2.5 साल पूरे करने पर जोर दिया था।
ऐसा कहा जाता है कि सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के बीच कथित तौर पर समझौता हुआ था जिसमें ढाई-ढाई साल पर मुख्यमंत्री बदलने का प्रावधान था। सिद्धरमैया ने नई दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘चार-पांच महीने पहले, आलाकमान ने मुझसे फेरबदल करने को कहा था। मैंने कहा था, अभी उचित नहीं है, ढाई साल बाद करते हैं, और आलाकमान ने मान लिया था। अब 20 नवंबर को सरकार के ढाई साल पूरे हो जाएंगे। आलाकमान जो भी कहेगा, मैं मानूंगा।’’