बांग्लादेश ने एक बार फिर भारत के विरोध में काम किया है। अंतरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूनुस ने पाकिस्तानी जनरल साहिर शमशाद मिर्जा को एक विवादास्पद नक्शा भेंट किया है। चलिए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है।

Muhammad Yunus Nefarious Act: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूनुस हमेशा से अपने भारत विरोधी कदमों के लिए चर्चा में रहे हैं। अब यूनुस ने बेहद शर्मनाक हरकत की है। हाल ही में पाकिस्तान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी जनरल साहिर शमशाद मिर्जा बांग्लादेश पहुंचे थे। इस दौरान मोहम्मद यूनुस ने मिर्जा को एक किताब ‘Art of Triumph’ भेंट की, जिसके कवर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। किताब के कवर पर दिखाए गए नक्शे में भारत के पूर्वोत्तर राज्यों असम से लेकर अरुणाचल तक को बांग्लादेश का हिस्सा दिखाया गया है।
यूनुस की करतूत
यूनुस ने मिर्जा को जो किताब भेंट की है उसमें दिखाया गया नक्शा कथित तौर पर उन इस्लामिक आतंकी समूहों की मांगों से मेल खाता है जो ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ की अवधारणा को बढ़ावा देते रहे हैं। वैसे देखा जाए तो बांग्लादेश आज उस पाकिस्तान की गोद में बैठा है जिसने उसपर भयानक अत्याचार कि हैं। दोनों देशों के रिश्ते 1971 के मुक्ति संग्राम के बाद से ही तनावपूर्ण रहे हैं। अब बांग्लादेश की कमान यूनुस के हाथ में है तो ढाका और पाकिस्तान का बेमेल मेल भी देखने को मिल रहा है।
यूनुस ने पहले भी दिया था विवादित बयान
बता दें कि, यह पहली बार नहीं जब यूनुस ने भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र को लेकर नापाक हरकत की है। अप्रैल 2025 में अपनी चीन यात्रा के दौरान उन्होंने कहा था कि “भारत के सात पूर्वोत्तर राज्य भूमि से घिरे हुए हैं और बांग्लादेश ही उनका समुद्री द्वार है।” यूनुस ने यह भी कहा था कि “यह चीन की अर्थव्यवस्था के विस्तार का अवसर बन सकता है।” भारत ने यूनुस के बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई थी।
बांग्लादेश की नापाक हरकतें
यूनुस का बयान सामने आने के बाद भारत ने बांग्लादेशी ट्रांजिट समझौता रद्द कर दिया था, जिसके तहत बांग्लादेशी माल भारत के रास्ते नेपाल, भूटान और म्यांमार तक भेजा जाता था। इसके बाद यूनुस के करीबी एक पूर्व अधिकारी ने तो यहां तक कहा था कि ”अगर भारत पाकिस्तान पर हमला करे तो बांग्लादेश को चीन के साथ मिलकर भारत के पूर्वोत्तर पर कब्जा कर लेना चाहिए” इसके अलावा यूनुस के एक अन्य सहयोगी नाहिदुल इस्लाम ने ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ का नक्शा साझा किया था, जिसमें पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और असम के हिस्से बांग्लादेश में दिखाए गए थे।