हिकारू नाकामुरा ने क्यों फेंका था डी गुकेश का किंग? सामने आ गया पूरा सच

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IND vs USA: टेक्सास में आयोजित चेकमेट प्रतियोगिता के एक मुकाबले के दौरान एक विवादित घटना सामने आई। हिकारू नाकामुरा ने भारत के डी गुकेश को हराने के बाद उनका किंग उठाकर दर्शकों की ओर फेंक दिया।

अमेरिका के एर्लिंगटन (टेक्सास) में पहली ‘चेकमेट: USA vs India’ शतरंज प्रतियोगिता में मेजबान टीम ने भारत को 5-0 से हराकर एकतरफा जीत दर्ज की। इस रोमांचक इवेंट में कई कड़े मुकाबले देखने को मिले, लेकिन निर्णायक मौकों पर अमेरिका ने बढ़त बनाए रखी और भारतीय खिलाड़ियों को कोई मौका नहीं दिया।

अमेरिकी ग्रैंडमास्टर हिकारू नाकामुरा ने वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश को मात दी, जबकि फाबियानो करुआना ने अर्जुन एरिगेसी को हराकर बढ़त दिलाई। इसके अलावा इंटरनेशनल मास्टर कारिसा यिप ने ग्रैंडमास्टर दिव्या देशमुख को पराजित करते हुए बड़ा उलटफेर किया। लेवी रोजमैन ने सागर शाह को मात दी और टेनी एडेवुमी ने ईथन वैज को हराते हुए अमेरिका को 5-0 की शानदार जीत दिलाई।

हिकारा नाकामुरा ने फेंका गुकेश का किंग

इस प्रतियोगिता के दौरान एक अजीबोगरीब और विवादित घटना भी देखने को मिली। डी गुकेश को हराने के बाद नाकामुरा ने उनका किंग उठाकर दर्शकों की ओर फेंक दिया, जिससे माहौल गरम हो गया। इस हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और शतरंज प्रेमियों ने इसे असम्मानजनक और अशोभनीय बताते हुए जमकर आलोचना की। रूसी ग्रैंडमास्टर व्लादिमीर क्रैमनिक ने इस घटना पर सबसे कड़ी प्रतिक्रिया दी और नाकामुरा पर मॉडर्न शतरंज की गरिमा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। हालांकि बाद में यह खुलासा हुआ कि नाकामुरा का यह कदम पहले से आयोजकों द्वारा तय की गई स्क्रिप्ट का हिस्सा था।

आयोजकों का था पूरा प्लान

चेस स्पेशलिस्ट लेवी रोजमैन ने अपने यूट्यूब वीडियो में बताया कि अगर इसे बिना संदर्भ के देखा जाए तो यह एक असभ्य हरकत लग सकती है, लेकिन हमें आयोजकों की ओर से ऐसा करने के लिए कहा गया था। मनोरंजन के लिए विजेता को किंग फेंकने का निर्देश था हिकारा ने बाद में गुकेश से बात की और समझाया कि यह सिर्फ शो का हिस्सा था, इसमें किसी तरह की बेअदबी का भाव नहीं था।

नाकामुरा ने कहा कि यह उनके लिए खास अनुभव था। नाकामुरा ने अपनी जीत के बाद अपने यूट्यूब चैनल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह उनके करियर के सबसे बेहतरीन लाइव अनुभवों में से एक था। शतरंज अक्सर एक अकेली यात्रा होती है, लेकिन इस इवेंट में सबने मिलकर जश्न मनाया। यहां तक कि भारतीय खिलाड़ी भी हार के बावजूद इस अनुभव का आनंद ले रहे थे। यह आयोजन उनकी उम्मीदों से कहीं बेहतर रहा।

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