सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है अस्थमा का खतरा, एक्सपर्ट से जान लें क्या है इसके पीछे की वजह

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कुछ ही दिनों में सर्दियां शुरू होने वाली है। सर्दियों का मौसम लोगों को पसंद तो खूब होता है लेकिन इस मौसम में पुरानी बीमारियों के बढ़ने का भी खतरा रहता है। अस्थमा एक ऐसी बीमारी है जो इस मौसम में बढ़ जाती है। ऐसे में चलिए जानते हैं सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है अस्थमा का खतरा।

अक्टूबर का महीना शुरू होते ही मौसम में बदलाव का दौर भी शुरू हो चुका है। मौसम में हल्की सर्दी महसूस होने लगी है। सर्दियों का मौसम अपने साथ कई तरह की बीमारियां भी लाता है। वहीं इस मौसम में पुरानी बीमारियां भी काफी परेशान करती है। अस्थमा भी उन बीमारियों में से है जो सर्दियों में काफी बढ़ जाता है। कई बार स्थिति बिगड़ने पर अस्थमा अटैक का भी कारण बन जाती है ऐसे में सर्दियों में अस्थमा के मरीजों को खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है अस्थमा का खतरा। यहां जानेंगे अस्थमा बढ़ने के पीछे के कारण क्या है।

क्यों बढ़ जाता है अस्थमा का खतरा

ठंडी और शुष्क हवाओं के कारण

डॉक्टर अरुण कुमार का कहना है कि ठंडी हवा में सांस लेने से वायुमार्ग संकुचित हो जाता है जिसकी वजह से सांस लेने में तकलीफ होती है।

संक्रमण का खतरा

हेल्थ एक्सर्ट की मानें तो सर्दयों के मौसम में फ्लू, सर्दी जुकाम और छाती में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है जो अस्थमा को बढ़ाता है।

प्रदूषण और धुआं 

वायु प्रदूषण, धूल और धुएंकी वजह से फेफड़ों में जलन पैदा होता हैं जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है।

इनडोर एलर्जी

हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि बंद कमरे, कम वेंटिलेशन, धूल के कण की वजह से भी अस्थमा की समस्या बढ़ जाती है।

इम्यूनिटी

हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि ठंड के मौसम में प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है। जिससे अस्थमा के मरीजों को काफी दिक्कत होती है और सूजन की संभावना बढ़ जाती है।

बचाव के उपाय

  • ठंडी हवा में बाहर जाते समय नाक और मुंह को मास्क से ढकें।
  • नियमित रूप से इनहेलर का इस्तेमाल करें।
  • संक्रमण से बचाव के लिए फ्लू और न्यूमोकोकल के टीके लगवाएं।
  • घर के अंदर धूल और नमी कम रखें।
  • प्रदूषण बढ़ने पर अस्थमा के मरीज बाहर कम निकलें। 

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