अतिचारी गुरु के कर्क में प्रवेश से इन 2 राशियों का डगमगाएगा आर्थिक पक्ष, 18 अक्टूबर के बाद रहें संभलकर

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गुरु ग्रह अतिचारी गति करते हुए 18 अक्टूबर को कर्क राशि में प्रवेश करें और दिसंबर तक इसी राशि में रहेंगे। गुरु का यह गोचर राशिचक्र की 2 राशियों के आर्थिक पक्ष को डगमगा सकता है। ये राशियां कौन-कौन सी हैं और क्या उपाय इनको करने चाहिए, आइए जानते हैं।

गुरु ग्रह वर्तमान में सामान्य गति से तेज चल रहे हैं इसलिए इसे गुरु की अतिचारी चाल कहा जा रहा है। अतिचारी गति करते हुए ही गुरु ग्रह 18 अक्टूबर को अपनी उच्च राशि कर्क में गोचर कर जाएंगे। गुरु का राशि बदलना राशिचक्र की 2 राशियों वृषभ और सिंह के लिए प्रतिकूल साबित हो सकता है। इन राशियों को धन से जुड़े मामलों को लेकर सावधान रहना होगा। कैसे परिणाम इन दोनों राशियों को गुरु के गोचर के बाद मिलेंगे आइए जानते हैं।

वृषभ राशि 

गुरु ग्रह 18 अक्टूबर को आपके द्वितीय भाव यानि धन के भाव से निकलकर आपके तृतीय भाव में चले जाएंगे। गुरु का राशि बदलना अचानक से आपकी आर्थिक परेशानियों को बढ़ा सकता है। इस दौरान घर के सामान पर भी आपको अधिक खर्च करना पड़ सकता है। परिवार के किसी सदस्य की खराब तबीयत भी आपके बजट को बिगाड़ सकती है। वहीं धन का लेन-देन करते समय भी आपको बेहद सतर्क रहना होगा। आपकी छोटी सी गलती भी आपको भारी पड़ सकती है। कार्यक्षेत्र में भी इस दौरान आपको थोड़ा सतर्कता से रहना होगा और अपनी वाणी का इस्तेमाल सही तरीके से करना होगा। बेवजह का वाद-विवाद आपकी छवि को खराब कर सकता है। हालांकि इस दौरान आपको छोटे भाई-बहनों का सहयोग और साथ मिल सकता है। 

सिंह राशि 

गुरु ग्रह आपकी राशि से द्वादश भाव में गोचर करेंगे, यह व्यय और हानि का भाव कहा जाता है। गुरु का यह गोचर आपके अनावश्यक खर्चों में वृद्धि कर सकता है। न चाहते हुए भी इस दौरान संचित धन खर्च करने की नौबत आ सकती है। घर, वाहन आदि खरीदने में पैसा लगने की वजह से भी आपकी आर्थिक स्थिति डगमगाएगी। घर के बड़े हैं तो छोटे सदस्य की मांग को पूरा करने के लिए भी खूब पैसा खर्च होगा। सिंह राशि के लोगों को यात्रा के दौरान भी बेहद सतर्कता इस दौरान बरतनी होगी क्योंकि कीमती सामान चोरी हो सकता है। हालांकि गुरु का द्वादश भाव में होना आपको आध्यात्मिक रूप से उन्नति दिलाएगा, योग-ध्यान करने से आपको मानसिक शांति और सही निर्णय लेने की शक्ति मिलेगी। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

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