Navami Pujan: महानवमी पर खास हवन और मंत्रों से आप सुख, समृद्धि और सफलता की प्राप्ति कर सकते हैं। यहां आचार्य इंदु प्रकाश द्वारा इस पावन तिथि पर देवी दुर्गा को प्रसन्न करने के कई तरह के उपाय बताए जा रहे हैं, जिनमें हवन, मंत्र और जाप आदि के बारे में बताया गया है। जानें कौन से उपाय करना आपके लिए लाभकारी रहेगा।

Navratri Navami Upay: महानवमी के दिन किए जाने वाले खास हवन और मंत्र जाप से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। यह तिथि देवी दुर्गा की पूजा का विशेष अवसर होती है, जहां विशेष पूजा विधियों के साथ-साथ हवन और मंत्र जाप से जीवन में सुख-समृद्धि और समृद्धि लाने के कई रास्ते खुलते हैं।
इस दिन की शक्ति से लाभ उठाने के लिए विभिन्न प्रकार के हवन और मंत्रों का जाप किया जाता है, जो न केवल शत्रुओं से मुक्ति दिलाते हैं बल्कि व्यक्तिगत जीवन में सफलता, प्यार और कल्याण भी लाते हैं। यहां जानें उन विशेष हवन विधियों और मंत्रों के बारे में, जिनसे आप अपने जीवन में बेहतर बदलाव महसूस कर सकते हैं।
खास सामग्री से होता है हवन
विभिन्न समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए जैसे आर्थिक संकट, शत्रु से बचाव, सफलता की प्राप्ति और स्वास्थ्य लाभ के लिए खास सामग्री जैसे कमलगट्टा, तिल, नारियल, मखाने, घी और शक्कर आदि का उपयोग करके हवन करने की विधि बताई गई है। साथ ही देवी दुर्गा के विशेष मंत्रों का जाप करने से इन उपायों को और भी प्रभावी बनाया जा सकता है।
आज महानवमी के दिन विशेष फलों की प्राप्ति के लिए विशेष चीजों से किये जाने वाले हवन और मंत्र उच्चारण के बारे में –
1. कमलगट्टे से हवन और मंत्र उच्चारण
अगर आप अपनी सुख-सम्पदा में बढ़ोतरी करना चाहते हैं, तो आज आपको कमलगट्टे से हवन करना चाहिए। साथ ही दुर्गा सप्तशती में दिये देवी मां के इस विशेष मंत्र का जप करना चाहिए |
मन्त्र:
दुर्गे स्मृता हरसि भीतिम शेषजन्तोः
स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि।
दारिद्र्य दुःख भय हारिणि का त्वदन्या
सर्वोपकार करणाय सदा र्द्रचित्ता॥
2. पीली सरसों से हवन और मंत्र उच्चारण
अगर आप अपने शत्रुओं से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो आज आपको पीली सरसों से हवन करना चाहिए। साथ ही सिद्धकुंजिका स्तोत्र में दिये इस विशेष मंत्र का जप करना चाहिए |
मन्त्र:
नमस्ते रुद्ररुपिण्यै नमस्ते मधुमर्दिनि।
नमः कैटभहारिण्यै नमस्ते महिषार्दिनि।।
3. तिल से हवन और मंत्र उच्चारण
अगर आप अपने किसी प्रोजेक्ट की सफलता सुनिश्चित करना चाहते हैं, तो आज आपको तिल से आहुति देकर हवन करना चाहिए। साथ ही सिद्धकुंजिका स्तोत्र में दिये इस विशेष मंत्र का जप करना चाहिए |
मन्त्र:
नमस्ते शुम्भ हन्त्रयै च निशुम्भासुर घातिनि।
जाग्रतं हि महादेवि जपं सिद्धिं कुरुष्व मे।
4. घी और शक्कर से हवन और मंत्र उच्चारण
अगर आप दूसरों के मन में अपने लिये प्यार जगाना चाहते हैं, तो आज आपको घी और शक्कर को मिलाकर, उससे हवन करना चाहिए। साथ ही सिद्धकुंजिका स्तोत्र में दिये इस विशेष मंत्र का जप करना चाहिए |
मन्त्र:
ऐंकारी सृष्टी रूपायै हृींकारी प्रतिपालिका।
क्लींकारी काम रूपिण्यै बीजरूपे नमोऽतु ते।
5. दूध और चावल की खीर से हवन और मंत्र उच्चारण
अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा पढ़ाई-लिखाई में हमेशा आगे रहे, तो बच्चों की माताओं को आज दूध, चावल की खीर बनाकर, उससे हवन करना चाहिए। साथ ही सिद्धकुंजिका स्तोत्र में दिये इस विशेष मंत्र का जप करना चाहिए |
मन्त्र:
धां धीं धूं धूर्जटेः पत्नी वां वीं वूं वागधीश्वरी।
क्रां क्रीं क्रूं कालिका देवि शां शीं शूं मे शुभं कुरू।
6. नारियल से हवन और मंत्र उच्चारण
अगर आप किसी मुकदमे में अपनी जीत हासिल करना चाहते हैं, तो आज आपको नारियल के टुकड़ों से आहुति देकर हवन करना चाहिए। साथ ही सिद्धकुंजिका स्तोत्र में दिये इस विशेष मंत्र का जप करना चाहिए |
मन्त्र:
हुं हुं हुंकार रूपिण्यै जं जं जं जम्भनादिनी।
भ्रां भ्रीं भू्रं भैरवी भद्रे भवान्यै ते नमो नमः।
7. मखानों से हवन और मंत्र उच्चारण
अगर आप किसी महत्वपूर्ण राजनीतिक पद पाना चाहते हैं या राजनीति में अपनी पैंठ जमाना चाहते हैं तो आज आपको मखानों की 51 आहुतियां देकर हवन करना चाहिए। साथ ही सिद्धकुंजिका स्तोत्र में दिये इस विशेष मंत्र का जप करना चाहिए |
मन्त्र:
अं कं चं टं तं पं यं शं वीं दुं ऐं वीं हं क्षं
धिजाग्रं धीजाग्रं त्रोटय त्रोटय दीप्तं कुरू कुरू स्वाहा।
8. धान से हवन और मंत्र उच्चारण
अगर आप किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य संबंधी समस्या से बचना चाहते हैं, तो आज महानवमी के दिन आपको धान के लावे की आहुति देनी चाहिए, यानि धान को भूनकर उससे अग्नि में आहुति देनी चाहिए और साथ ही दुर्गा सप्तशती में दिये देवी मां के इस महामारी नाश के विशेष मंत्र का जप करना चाहिए |
मन्त्र:
जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते।
9. जौ और गुग्गुल से हवन और मंत्र उच्चारण
अगर आप जीवन में सुरक्षित रहना चाहते हैं या अपनी रक्षा को सुनिश्चित करना चाहते हैं, तो आज आपको जौ और गुग्गुल से हवन करना चाहिए। हवन के लिये आप जितनी मात्रा में जौ लें, उतनी ही मात्रा में गुग्गुल भी लें। दोनों की बराबर मात्रा में आहुति देनी चाहिए। हवन के साथ ही आपको दुर्गा सप्तशती में दिये इस विशेष मंत्र का जप भी करना चाहिए।
मन्त्र:
शूलेन पाहि नो देवि पाहि खड्गेन चाम्बिके।
घण्टास्वनेन नः पाहि चापज्यानिःस्वनेन च।
10. मक्खन और मिश्री से हवन और मंत्र उच्चारण
अगर आप अपने काम में जीत हासिल करना चाहते हैं, अच्छा सौन्दर्य पाना चाहते हैं, यश-सम्मान पाना चाहते हैं और अपना कल्याण चाहते हैं, तो आज आपको मक्खन और मिश्री से हवन करना चाहिए। साथ ही दुर्गा सप्तशती में दिये देवी मां के इस विशेष मंत्र का जप करना चाहिए |
मन्त्र:
विधेहि देवी कल्याणं विधेहि परमां श्रियम।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।
11. सूखे बेल से हवन और मंत्र उच्चारण
अगर आप अपने जीवन में हर प्रकार की बाधा से, हर प्रकार की परेशानी से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो आज आपको सूखे बेल से हवन करना चाहिए। साथ ही दुर्गा सप्तशती में दिये इस विशेष मंत्र का जप करना चाहिए |
मन्त्र:
सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वितः।
मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः।
12. बताशों से हवन और मंत्र उच्चारण
बहुत से लोग चाहते हैं कि उनके सपने में देवी मां के दर्शन हो जाये और उन्हें अपनी सिद्धियों के बारे में या अपने किसी खास काम के बारे में पहले से पता चल जाये, तो आज आपको 51 बताशों से आहुति देकर हवन करना चाहिए। साथ ही देवी मां के इस विशेष मंत्र का जप करना चाहिए |
मन्त्र:
दुर्गे देवि नमस्तुभ्यं सर्वकामार्थ साधिके।
मम सिद्धिम सिद्धं वा स्वप्ने सर्वं प्रदर्शय।।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है।